मशरुम की खेती (Mushroom Farming): मशरुम की खेती एक ऐसी खेती है जो आप से कम लागत लेकर अधिक मुनाफा दे सकती है। मशरुम की खेती करके आप लाखो रुपए कमा सकते है। और मशरुम की खेती करने का सबसे बड़ा फायदा ये है की यह कम समय में तैयार हो जाती है। जब हम खेती करने के बारे में सोचते है तो हमारे दिमाग में एक सवाल आता है की हमको खेती करने के लिए जगह की जरूरत होगी लेकिन हमारे पास जगह नहीं है तो हमें इस बात की भी चिंता करने की जरूरत नहीं है क्योकि मशरुम की खेती करने के लिए एक कमरा भी काफी है हम उस में भी मशरुम की खेती आराम से कर सकते है। लेकिन कमरा हवादार होना चाहिए। मशरूम की खेती के बारे में महत्तवपूर्ण बातें यहाँ देखेंगे।
मशरूम की खेती के फायदे
मशरूम की खेती के बहुत से फायदे है। इसे सफ़ेद सोना भी कहा जाता हैं। इसके बहुत से फायदे है:
- कम समय में तैयार : मशरूम की खेती का एक फायदा यह है की इसकी कुछ किस्मे ऐसी है जो मात्र 25 से 45 दिन में तैयार हो जाती है। इस लिए इसका यह फायदा है की यह काम समय में तैयार हो जाती है।
- कम जगह : इसका दूसरा फायदा यह है की यह कम जगह में आराम से की जा सकती है इस में हमें बड़े खेतो की जरूरत नहीं पड़ती।
- वेस्ट का उपयोग : इस खेती का एक फायदा यह भी है की यह भूसा, पराली और खाद पर उगाई जाती है। इस लिए इस खेती में कम लागत लगती है।
- अधिक मुनाफा : इसका एक सबसे बड़ा फायदा यह है की इस में हमे अधिक मुनाफा होता है। क्योकि इसकी बाजार में कीमत अच्छी रहती है जिस से हमे कम निवेश में अधिक मुनाफा होता है।
खेती शुरू करने के लिए जरूरी चीजें
खेती शुरू करने के कुछ महत्तवपूर्ण चीजों की जरूरत होती है।
- हवादार कमरा जिस में ज्यादा धूप न आए और जिसमे नमी बनी रहे।
- गेहूँ या धान के भूसे की आवशयकता पड़ती है।
- मशरूम के बीज।
- प्लास्टिक बैग जिसमे भूसा और बीज भरकर रखे जाते है।
- स्प्रेयर पानी के हलके छिड़काव के लिए चाहिए होता है।
मशरूम उगाने की प्रक्रिया
- कीटाणुमुक्त भूसा : सबसे पहले भूसे का सही उपचार किया जाता है। भूसे को कीटाणुमुक्त करने के लिए गरम पानी या रसायनो का उपयोग करेंगे।
- बीज बोने की प्रक्रिया : भूसे को हल्का सा सूखा कर उस में मशरूम के बीज मिलाये जाते है। जब उसमे 60-70 % नमी हो तभी उस में बीज मिलाये जाते है। उसके बाद इसे प्लास्टिक बैग में भरकर इसे कस कर बांध दिया जाता है और उस में छोटे-छोटे छेद कर दिए जाते है।
- देखभाल कैसे करे : इन बैग्स को अँधेरे कमरे में रखा जाता है। और वह तापमान और नमी का संतुलन होना चाहिए। 15 से 20 दिनों में बीज पूरे भूसे पर फैल जाते है। समय-समय पर दीवारों और फर्स पर पानी छिड़क कर नमी बनाये रखनी चाहिए।
- कटाई : जब मशरूम का आकार पूरा हो जाए तो इसे घुमा कर सावधानी से तोडना चाहिए।
लागत
यदि आप मशरूम की खेती शुरू कर रहे है तो शुरुआत में आपकी लागत 10,000 से 20,000 तक हो सकती है। और यह लागत तब आती है जब आप किसी छोटे सत्तर से शुरुआत करते है। यदि आप बड़े पैमाने पर मशरूम की खेती करते है तो आपकी लागत इस से ज्यादा आ सकती है।
मुनाफा
मशरूम की खेती करने में हमको बहुत अधिक मुनाफा प्राप्त होता है। क्योकि बाजार में मशरूम की कीमत बहुत अच्छी है। इस लिए जितना हम निवेश करते है मशरूम की खेती करने में उस से कई गुना हमें मुनाफा मिलता है।
मशरूम की किस्में
मशरुम की किस्मे कई प्रकार की होती है। जिनके नाम ये है :
- बटन मशरुम(Button Mushroom)
- ऑयस्टर मशरूम (Oyster Mushroom)
- मिल्की मशरूम (Milky Mushroom)
Disclaimer: khetkisan.com पर दी गई यह जानकारी केवल सामान्य जागरूकता और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है। मशरूम की खेती की सफलता और उससे होने वाला मुनाफा कई व्यक्तिगत और बाहरी कारकों पर निर्भर करता है।
